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रूद्राक्ष पहनने वाले अवश्य पढें। – RUDRAKSHA WEARERS MUST READ.

  रुद्राक्ष की माला जब भी धारण करना हो तो कभी भी किसी दूसरे व्यक्ति विशेष का माला या रुद्राक्ष धारण करने से बचना चाहिए क्योंकि रुद्राक्ष का कार्य होता है, किसी के भी आभामंडल को सुरक्षा प्रदान करना नकारात्मक शक्तियों से किसी व्यक्ति विशेष की पूरी तरह से सुरक्षा प्रदान करना या उसके अंदर किसी भी प्रकार की नकारात्मक तत्वों की प्रधानता है, तो यह उसके सूक्ष्म से सूक्ष्म कोशिकाओं के संरचनाओं के ऊपर अपना प्रभाव दिखाता है, तथा हर एक शरीर के अंग में व्याप्त नकारात्मक ऊर्जा को अवशोषित कर लेता है lअपने अंदर पूरी तरह से समाहित कर लेता है, जिससे व्यक्ति के शरीर में मौजूद कई प्रकार की अशुद्धियां कई प्रकार की नकारात्मक चीजों का धीरे-धीरे निराकरण होने लगता है l Must Read:-   तीर्थराज प्रयाग में मां गंगा और कल्पवास – MA GANGA & KALPWAS ऐसे में उस व्यक्ति विशेष के द्वारा पहना गया  रुद्राक्ष, रुद्राक्ष माला   कोई और व्यक्ति धारण करता हैl तब उसकी शरीर की शक्ति संरचना में बदलाव आने लगते हैंl उसके अंदर ऐसे तत्व की प्रधानता पड़ने लगती है, जो बहुत अधिक नकारात्मक चीजों से परिपूर...

तीर्थराज प्रयाग में मां गंगा और कल्पवास – MA GANGA & KALPWAS

  पंक्ति पावन परिवार कल्पवास एक संकल्प की यात्रा है। इस यात्रा मे त्याग , तप, जप, स्नान, दान और भक्त समागम का पुनीत अवसर मिलता है। नियमानुसार एक माह तक प्रयाग के बाहर नही जाना होता है। एक समय भोजन होता है और प्रातः सायं गंगा स्नान । व्यवस्था मे सामर्थ्य के अनुसार लोग आते है और नियम का पालन करते हुए दान धर्म का पालन करते हुए कल्पवास पूर्ण करते हैं। यहाँ सबका एक ही लक्ष्य होता है त्याग। सनातन परम्परानुसार हर वर्ष मेले मे लाखों-लाख लोग आते है त्याग करके जाते है। प्रयाग की महिमा सबसे महान है। माता सीता वनवास जाते समय गंगा जी से निवेदन करती है कि हे माँ ऐसी कृपा कीजिये कि हम सब साथ लौट कर आऊंगी फिर आप का पूजन करूंगी । Read More:-  तीर्थराज प्रयाग में मां गंगा और कल्पवास – MA GANGA & KALPWAS